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प्रेगनेंसी में विटामिन डी की कमी नहीं होनी चाहिए डॉ अर्चिता महाजन* 

*प्रेगनेंसी में विटामिन डी की कमी नहीं होनी चाहिए डॉ अर्चिता महाजन*

 

 

 

*अंडे,दूध, दही और पनीर मछली, और मशरूम धूपस्ट्रॉबरी.अनानास,ब्रोकली, मशरूम, कद्दू, और फूलगोभी मूली के पत्ते का सेवन करें*

 

 

 

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान विटामिन D की कमी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि इसका प्रभाव मां और बच्चे दोनों की सेहत पर पड़ सकता है। इसके लिए संतुलित आहार, सूर्य की रोशनी और यदि जरूरत हो तो सप्लीमेंट्स का सेवन करना जरूरी हैप्रेगनेंसी में विटामिन डी की कमी से कई समस्याएं हो सकती हैं:

प्रेगनेंसी में विटामिन डी की कमी के प्रभाव:

1. *भ्रूण के विकास पर प्रभाव*: विटामिन डी की कमी भ्रूण के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जैसे कि कम वजन और समय से पहले जन्म।

2. *प्रसव के दौरान जटिलताएं*: विटामिन डी की कमी प्रसव के दौरान जटिलताओं का कारण बन सकती है, जैसे कि सीजेरियन सेक्शन की आवश्यकता।

3. *नवजात शिशु में विटामिन डी की कमी*: विटामिन डी की कमी नवजात शिशु में विटामिन डी की कमी का कारण बन सकती है, जो उनके विकास और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।

4. *मां में हड्डियों की समस्याएं*: विटामिन डी की कमी मां में हड्डियों की समस्याओं का कारण बन सकती है, जैसे कि ऑस्टियोमलेशिया और ऑस्टियोपोरोसिस।

5. *गर्भावस्था के दौरान मधुमेह और उच्च रक्तचाप*: विटामिन डी की कमी गर्भावस्था के दौरान मधुमेह और उच्च रक्तचाप के खतरे को बढ़ा सकती है।

 

प्रेगनेंसी में विटामिन डी की कमी के लक्षण:

1. *मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी*: विटामिन डी की कमी मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी का कारण बन सकती है।

2. *हड्डियों में दर्द*: विटामिन डी की कमी हड्डियों में दर्द का कारण बन सकती है।

3. *थकान और कमजोरी*: विटामिन डी की कमी थकान और कमजोरी का कारण बन सकती है।

4. *मूड में बदलाव*: विटामिन डी की कमी मूड में बदलाव का कारण बन सकती है, जैसे कि अवसाद और चिंता।

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