क्या रंग बदलने से अंडे का पोषण बदल जाता है? इसमें भी केमिकल लोचा है डॉ अर्चिता महाजन
कोरोनरी धमनी रोग, उच्च रक्तचाप या उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोगों के लिए किसी भी रंग का अंडा उचित नहीं*

*क्या रंग बदलने से अंडे का पोषण बदल जाता है? इसमें भी केमिकल लोचा है डॉ अर्चिता महाजन
*कोरोनरी धमनी रोग, उच्च रक्तचाप या उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोगों के लिए किसी भी रंग का अंडा उचित नहीं*


*उस रंग का बनाने के कुछ “प्राकृतिक” इसमें फ़ीड ・ इससे अंडे की जर्दी का रंग ज़रूर बदल जाता है,*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया किदरअसल, मुर्गी के अंदर सभी अंडे शुरू में सफेद होते हैं। अंडे बनने की प्रक्रिया के दौरान उनके छिलके का रंग बदल जाता है। अंडे के रंग को लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं. बहुत से लोग मानते हैं कि भूरे अंडे सफेद अंडों से ज्यादा पौष्टिक होते हैं, जबकि वैज्ञानिक रूप से ऐसा कोई बड़ा अंतर नहीं पाया गया है. अंडे का पोषण मुख्य रूप से मुर्गी के आहार और उसकी सेहत पर निर्भर करता है, न कि छिलके के रंग पर.अंडे का छिलका या जर्दी (पीला भाग) का रंग बदलने से उसके पोषण में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आता है। अंडे का पोषण इस बात पर निर्भर करता है कि मुर्गी को कैसा आहार दिया गया है, न कि उसके रंग पर।अंडे के रंग और पोषण से जुड़े मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:छिलके का रंग: सफेद और भूरे (ब्राउन) अंडे के पोषण में कोई अंतर नहीं होता है। रंग का अंतर केवल मुर्गी की नस्ल पर निर्भर करता है (जैसे सफेद नस्ल की मुर्गियां सफेद अंडे देती हैं और लाल/भूरी नस्ल की भूरे) अंडे की गुणवत्ता।जर्दी (पीले भाग) का रंग: गहरी पीली या नारंगी जर्दी इस बात का संकेत है कि मुर्गी के आहार में कैरोटीनॉयड (जैसे मक्का या हरी घास) की मात्रा अधिक थी। यह रंग विटामिन ए की थोड़ी अधिक मात्रा को जरूर दिखा सकता है, लेकिन कुल मिलाकर प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों (जैसे विटामिन और मिनरल) में दोनों प्रकार की जर्दी समान होती हैं।



