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कितना भी जरूरी क्यों ना हो पैक्ड आटा बिल्कुल ना खाएं डॉ अर्चिता महाजन* 

*कितना भी जरूरी क्यों ना हो पैक्ड आटा बिल्कुल ना खाएं डॉ अर्चिता महाजन* 

 

*ताजा आटा हफ्ता 10 दिन से ज्यादा नहीं चलता। महीनो पैक्ड आटे से केमिकल ही तो खा रहे हो*

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि जब से पैक्ड आटे का चलन बड़ा है तब से ना मालूम कई प्रकार की बीमारियों से शरीर प्रोण हो गया है। हो सके तो कोशिश करें दो-चार दिन तक का ही आटा चक्की से ताजा खरीद कर लाए और खाकर देखें।पैकेट वाला आटा खाने से कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसमें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसके अलावा, इसमें फाइबर की कमी होती है जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ अध्ययनों के अनुसार, पैकेट वाले आटे से हृदय रोग और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है. पैकेट वाले आटे में अक्सर कई तरह के एडिटिव्स और प्रिजर्वेटिव मिले होते हैं, जो बीमारियों का कारण बन सकते हैं। प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होता है. प्रोसेसिंग प्रक्रिया के दौरान पैकेट वाले आटे के पोषक तत्व कम हो जाते हैं, जिसके कारण जब व्यक्ति ऐसे आटे का सेवन करता है तो शरीर को पोषण नहीं मिल पाता है।पैकेट वाले आटे में फाइबर की कमी हो जाती है, जिसके कारण इस आटे से बनी रोटियां पेट में जाकर पेट की समस्याओं का कारण बन सकती हैं। पैकेट वाला आटा डाइजेशन पर बुरा असर डालता है, जिससे कब्ज और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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