अनियंत्रित डायबिटीज है तो जोड़ों का दर्द भी होगा ,चाल में टेड़ापन भी आएगा ;डॉ अर्चिता महाजन*

*अनियंत्रित डायबिटीज है तो जोड़ों का दर्द भी होगा ,चाल में टेड़ापन भी आएगा ;डॉ अर्चिता महाजन*
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*प्रभावित जोड़ों में सुन्नता और झुनझुनी या संवेदना का नुकसान हो सकता है। वे गर्म, लाल और सूजे हुए हो सकते हैं*

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि हमारे देश में ज्यादातर लोग अपने शरीर को टेकन फोर ग्रांटेड ले लेते हैं। सिंप्टोम्स और फैमिली हिस्ट्री होने के बावजूद उनका अति आत्मविश्वास इतना होता है कि वह अपना ब्लड टेस्ट करवाने को तैयार ही नहीं होते। जब के लंबे समय तक अनियंत्रित रहती है तो बहुत देर हो चुकी होती है तब तक की शरीर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंच चुकी होती हैडायबिटीज में जोड़ों का दर्द मधुमेह से जुड़ी एक आम समस्या है, जो टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह दोनों में पाई जा सकती है। यह दर्द उच्च रक्त शर्करा के स्तर, तंत्रिका क्षति और अन्य जटिलताओं के कारण होता है. ।बहुत से डायबिटिक पेशेंट्स अकसर ये शिकायत करते हैं कि घुटनों में दर्द है, पीठ में खिंचाव रहता है या फिर कंधा हिलाने में परेशानी हो रही है।असल में डायबिटीज जब लंबे समय तक बनी रहती है और सही से कंट्रोल नहीं होती, तो शरीर की नसों और मांसपेशियों पर असर डालने लगती है। सबसे आम दर्द की बात करें तो फ्रोजन शोल्डर सबसे ज्यादा सामने आता है, यानी कंधा इतना अकड़ जाता है कि हिलाना भी मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा डायबेटिक न्यूरोपैथी में पैरों में जलन, झनझनाहट, दर्द महसूस होता है। कुछ लोगों को उंगलियों की गांठों में भी जकड़न होती है। अनियंत्रित डायबिटीज पैरों और पैरों में नसों को नुकसान पहुंचाती है।नर्वस सिस्टम डैमेज के कारण जोड़ों में दर्द, सुन्नता, या जलन का महूसस हो सकती है। यह अक्सर पैरों, घुटनों और हाथों में दिखने को मिलती है। नर्व डैमेज से जोड़ों की गति (Joint Stiffness) और संवेदनशीलता पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे चाल-ढाल भी प्रभावित होती है। अब पता लगा डायबिटीज वाले पेशेंट थोड़े समय बाद टेढ़े चलने क्यों शुरू हो जाते हैं।



