मोटापा दिमाग को स्लो कर देता है डॉ अर्चिता महाजन*
इसे पढ़ने के बावजूद बच्चों को प्रोसेस्ड ,फास्ट फूड कोल्ड ड्रिंक देते हो तो आप बच्चों के दुश्मन है*

*मोटापा दिमाग को स्लो कर देता है डॉ अर्चिता महाजन*
*इसे पढ़ने के बावजूद बच्चों को प्रोसेस्ड ,फास्ट फूड कोल्ड ड्रिंक देते हो तो आप बच्चों के दुश्मन है*


डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि मोटापा और दिमागी ताकत के बीच गहरा रिश्ता है. मोटापा शरीर में कुछ ऐसी चीजें बढ़ा देता है जो दिमाग की सेहत पर बुरा असर डालती हैं, जैसे क्रोनिक सूजन, इंसुलिन रेसिस्टेंस और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस. इसकी वजह से दिमाग प्रभावित होता है.।जब हमारे शरीर में जरूरत से ज़्यादा फैट जमा हो जाता है, तो ये दिमाग तक सही तरीके से खून पहुंचने नहीं देता है. इससे न्यूरॉन्स (दिमाग की नसें) के बीच का तालमेल बिगड़ने लगता है. लंबे समय तक ऐसा रहने से हमारी सोचने-समझने की ताकत कमजोर हो सकती है.मोटापा और दिमाग के बीच एक जटिल संबंध है:
मोटापा और दिमाग के बीच संबंध
1. *संज्ञानात्मक कार्य*: मोटापा संज्ञानात्मक कार्य को प्रभावित कर सकता है, जैसे कि स्मृति, ध्यान और समस्या-समाधान।
2. *न्यूरोइंफ्लेमेशन*: मोटापा न्यूरोइंफ्लेमेशन को बढ़ावा दे सकता है, जो दिमाग के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
3. *हॉर्मोनल असंतुलन*: मोटापा हॉर्मोनल असंतुलन का कारण बन सकता है, जो दिमाग के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
4. . *अल्जाइमर रोग*: मोटापा अल्जाइमर रोग के खतरे को बढ़ा सकता है।
5. . *डिमेंशिया*: मोटापा डिमेंशिया के खतरे को बढ़ा सकता है।
6. *मानसिक स्वास्थ्य*: मोटापा मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, जैसे कि अवसाद और चिंता।
7. *खून का प्रवाह कम होना:* एक अध्ययन के अनुसार, मोटापे से दिमाग तक पर्याप्त खून नहीं पहुंच पाता है, जिससे न्यूरॉन्स के बीच संचार में बाधा आती है.
8. मोटापे की वजह से मेनिंगियोमा जैसे कुछ तरह के ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे हॉर्मोन का स्तर बिगड़ सकता है,



