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पेट से गुड़-गुड़ की आवाज़ (बोरबोरिग्मी) आना सामान्यतः सामान्य पाचन क्रिया का संकेत है, न कि कोई बीमारी। डॉ अर्चिता महाजन* 

*पेट से गुड़-गुड़ की आवाज़ (बोरबोरिग्मी) आना सामान्यतः सामान्य पाचन क्रिया का संकेत है, न कि कोई बीमारी। डॉ अर्चिता महाजन*

 

 

 

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानि और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि यह आवाजें पेट में भोजन, गैस और तरल पदार्थ के हिलने-डुलने के कारण होती हैं। हालांकि, यह अक्सर भूख लगने का संकेत भी हो सकता है, लेकिन अगर यह दर्द या ब्लोटिंग के साथ हो, तो चिकित्सक से परामर्श लें। . पेट में गुड़गुड़ाहट किस बात का संकेत है?

जब आपके पेट से लगातार गुड़गुड़ाहट की आवाज आती है, तो आमतौर पर इसके पीछे शारीरिक कारण होते हैं, जैसे कि:पेट में हवा का फंसना: जल्दी-जल्दी खाना खाने या खाते समय बात करने से सामान्य से अधिक हवा निगलने की समस्या हो सकती है। इस फंसी हुई हवा के कारण पेट में तेज गड़गड़ाहट की आवाज आ सकती है। पाचन तंत्र के आसपास की चिकनी मांसपेशियों के संकुचन के दौरान हवा, भोजन और तरल पदार्थों की गति के कारण पेट में गड़गड़ाहट होती है। भोजन पेट और आंतों में होने वाली आवाज को कम कर सकता है, इसलिए जब पेट खाली होता है, तो आपको गड़गड़ाहट की आवाज अधिक स्पष्ट रूप से सुनाई देती है। जब पेट लंबे समय तक खाली रहता है, तो पेट की दीवारों की मांसपेशियां पहले की तुलना में अधिक मजबूती से सिकुड़ती हैं। उस समय, बहुत सारी गैस और पचा हुआ भोजन खाली पेट में दब जाता है, जिससे गड़गड़ाहट की आवाज तेज हो जाती है।पेट में होने वाली गड़गड़ाहट शरीर द्वारा स्वयं को साफ करने का एक तरीका है, जिससे बचा हुआ भोजन और बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं। यह प्रक्रिया औसतन 10 से 20 मिनट तक चलती है और पेट के दोबारा भोजन से भर जाने तक हर दो घंटे में दोहराई जा सकती है।पेट में गुड़गुड़ाहट किसी बीमारी का लक्षण नहीं है, बल्कि यह केवल इस बात का संकेत है कि आपका शरीर भूखा है और आपका पाचन तंत्र ठीक से काम कर रहा है।

तले हुए खाद्य पदार्थ, पशु वसा से भरपूर खाद्य पदार्थ, अनाज, स्टार्च या प्याज और लहसुन जैसे पचाने में कठिन खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करने से खाने के बाद पेट में गुड़गुड़ाहट हो सकती है।खाना खाने के बाद लेटना: खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से गैस और पेट में गुड़गुड़ाहट हो सकती है। इससे पेट के आसपास अतिरिक्त चर्बी जमा होने की समस्या भी हो सकती है।लाभकारी आंत बैक्टीरिया की कमी: लाभकारी आंत बैक्टीरिया की कमी से पाचन संबंधी विकार हो सकते हैं, जिससे भोजन को पचाना मुश्किल हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप गैस, पेट में गुड़गुड़ाहट और पेट फूलना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।कार्बोनेटेड पेय और शराब: बहुत अधिक मात्रा में कार्बोनेटेड पेय, शराब या बीयर पीने से कई दिनों तक लगातार पेट में गुड़गुड़ाहट और डकार आ सकती है।पेट की गुड़गुड़ाहट के सामान्य कारण:भूख लगना: पेट खाली होने पर आंतों की हलचल तेज होती है, जिससे गड़गड़ाहट होती है।

पाचन प्रक्रिया: पेरिस्टालसिस (peristalsis) नामक प्रक्रिया में मांसपेशियों के संकुचन से खाना और गैस आगे बढ़ते हैं।जल्दी खाना: जल्दी-जल्दी खाने या खाना खाते समय बात करने से पेट में हवा भर जाती है।अपच: ज्यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन खाने से भी यह समस्या हो सकती है। कब चिंता करें (चेतावनी संकेत):अगर गुड़गुड़ाहट के साथ पेट में तेज़ मरोड़ या दर्द हो।

लगातार कब्ज या उल्टी की समस्या बनी रहे।पेट में अत्यधिक सूजन (Bloating) महसूस हो। समाधान के उपाय:खाना चबा-चबा कर और धीरे-धीरे खाएं।भोजन में फाइबर युक्त चीजों को शामिल करें।गैस बढ़ाने वाली चीजों, जैसे गोभी, ब्रोकली और बीन्स, से परहेज करें।पर्याप्त पानी पिएं।

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