भूख से ज्यादा खाएंगे तो फैटी लिवर होगा ही डॉ अर्चिता महाजन*
नॉन वेज वसा युक्त मीठा प्रोसैस्ड फास्ट फूड अल्कोहल भर पेट लेने से फैटी लिवर होता है*

*भूख से ज्यादा खाएंगे तो फैटी लिवर होगा ही डॉ अर्चिता महाजन*
*नॉन वेज वसा युक्त मीठा प्रोसैस्ड फास्ट फूड अल्कोहल भर पेट लेने से फैटी लिवर होता है*

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन
डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि जरूरत से ज्यादा खाने से तौबा कर लें। क्योंकि भरपेट खाने वालों को फैटी लीवर होने के चांसेस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं खासकर तब जब वह एक्टिव नहीं रहते।लंबे समय तक थकान महसूस होना, पेट में दर्द, भूख में कमी, वजन कम होना आदि जैसे लक्षण दिखाई देने लगे तो समझ लें लिवर फैटी हो चुका हैखासकर अगर आप ऐसे आहार का सेवन करते हैं जिसमें वसा और चीनी की मात्रा अधिक हो. लीवर वसा को तोड़ता है, लेकिन यदि आप लगातार अधिक वसा का सेवन करते हैं, तो यह वसा लीवर में जमा हो सकती है, जिससे फैटी लीवर रोग हो सकता है. अत्यधिक वसा वाले खाद्य पदार्थों, जैसे कि तले हुए खाद्य पदार्थ, लाल मांस, और पूर्ण वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करने से वसा का स्तर बढ़ सकता है, जिससे फैटी लीवर हो सकता है. अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों का सेवन करने से भी लीवर में वसा जमा हो सकती है. यदि आप अपनी दैनिक कैलोरी की आवश्यकता से अधिक कैलोरी का सेवन करते हैं, तो यह अतिरिक्त कैलोरी वसा में बदल जाती है, जो फिर लीवर में जमा हो सकती है. शराब का अधिक सेवन भी लीवर में वसा के जमाव का कारण बन सकता है. मोटापे से ग्रस्त होने से भी फैटी लीवर का खतरा बढ़ जाता है.भूख से ज्यादा खाना खाने से फैटी लीवर हो सकता है। इसलिए, स्वस्थ आहार का पालन करना, वसा और चीनी का सेवन सीमित करना, और शराब का सेवन कम करना महत्वपूर्ण है.ओवरईटिंग में ज्यादातर लोग मैदा और प्रोसेस्ड तरीकों से बनीं चीजें खाते हैं। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स (जैसे मैदा) को एनर्जी में तब्दील करने के लिए लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।जब हम ओवरईट करते हैं, लिवर अतिरिक्त कैलोरी को ट्राइग्लिसराइड्स (एक प्रकार का फैट) में बदल देता है, जो धीरे-धीरे लिवर की कोशिकाओं में जमा होने लगता है। बिस्किट, सफेद ब्रेड, कोल्ड ड्रिंक जैसे चीजें इंसुलिन स्पाइक करती हैं। इससे फैट स्टोरेज बढ़ता है और फैट लिवर में जमा होने लगता है और फैटी लिवर की परेशानी होती है।लगातार ओवरईटिंग से इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता, जिससे शरीर वसा को जलाने की बजाय लिवर में जमा करता है। इससे फैटी लिवर की समस्या होती है।



