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आज राखी है, आज तो आ जा, अपने भाई को राखी पहना जा, नितेश की दर्द भरी दास्तां

30 अगस्त 2023 वॉइस ऑफ हिमाचल मीडिया एवं कला मंच ब्यूरो रिपोर्ट सात मील पंडोह :- मोहन हिमाचली

शानिया बेटा तेरा पापा तुझे ढूंढ रहा है…पापा के पास नहीं आओगी। मोनिका प्यारी मुझे क्यों छोड़ गई अकेला.. सात जन्मों का साथ देने की कसमें खाई हैं तूने.. क्यों नाराज़ हो गई.. अम्मा तुझे बुला रही है। पता है..वो अस्पताल में है.. पहले पांव कटा, फिर टांग…देखोगी नहीं। आज राखी है हम तेरे मायके बाडीगुमाणु जाएंगे..तू अपने भाई को राखी पहना ले…।

यह दर्द भरी दास्तां है जागर पंचायत के उस नितेश की, जिसने चंडीगढ़ मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सात मील के पास सामबल नाले में बादल फटने से अपना सब कुछ खो दिया। त्रासदी में नितेश की छह माह की दुधमुंही बच्ची, बहन और पत्नी दब हंै, जो अभी तक नहीं मिल पाए हैं। मां का रेस्क्यू करते हुए जान तो बच गई, मगर मेडिकल कालेज नेरचौ में उपचाराधीन है। नीतेश कुमार को मिली फौरी राहत के 40,000 में से 15,000 ईलाज में खर्च हो चुके हैं। नितेश अब डीसी मंडी को अपना माई बाप कहता हैं। उन्होंने मुझे जमीन और घर देने का वादा किया है। उसका विश्वास है कि उसका परिवार यहीं नाले के मलबे चट्टानों में कहीं दबा हुआ है। जब तक मुझे वे मिलेंगे नहीं मैं यहीं उनका खोजता रहूंगा। पंचायत के उप प्रधान रमेश कुमार ने बताया कि नितेश मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। बाढ़ ने इसकी दुनिया उजाड़ दी है। जिला प्रशासन का सर्च ऑपरेशन पिछले 15 दिनों से निरंतर जारी है, मगर अब तक बरतनों और कपड़ों के सिवा कुछ नहीं मिल पाया है।

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