सीढ़ियों के उतरने और चढ़ने की कैपेसिटी से पता करें आप कितने स्वस्थ हैं डॉ अर्चिता महाजन* अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डायटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर

*सीढ़ियों के उतरने और चढ़ने की कैपेसिटी से पता करें आप कितने स्वस्थ हैं डॉ अर्चिता महाजन* अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डायटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर ने बताया कि हम 3-4 मंजिल की सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो सांस फूलना सामान्य है। लेकिन कुछ लोगों को सिर्फ 3-4 सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांस फूलने लगती है, यह सामान्य नहीं है। सांस की तकलीफ, इसे मेडिकल टर्म में डिस्पेनिया के रूप में जाना जाता है। सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलने की दिक्कत सीओपीडी या अस्थमा जैसी श्वसन स्थिति के कारण हो सकती है। सांस की तकलीफ के साथ हृदय की स्थिति भी तेज दिल की धड़कन का कारण बन सकती है।सांस फूलना कोई बीमारी नहीं हैं, हालांकि यह किसी बड़ी बीमारी का लक्षण जरूर हो सकता है। यह फेफड़ों से जुड़ी एक आम बीमारी है, जिसमें ब्रोंकाइटिस में सांस की नली में सूजन और एंफिसेमा में फेफड़ों में मौजूद छोटी हवाओं की थैली नष्ट हो जाने जैसी समस्या उत्पन्न होती है।अधिक बार सीढ़ियाँ चढ़ने से आपकी मांसपेशियों की कार्यक्षमता बढ़ सकती है, जिससे अंततः, उन्हें चलने के लिए कम ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी और कम कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन होगा । बदले में, आपको ज्यादा सांस लेने और छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।जब भी आप सीढ़ियां चढ़ें, तो ध्यान रखें कि गहरी सांस लें. एक समय में आप 40 से 50 सीढ़ियों पर चढ़ सकते हैं. इससे आपके पेट का जो एक्स्ट्रा फैट है, वह भी कम हो जाएगा. इसके साथ ही इस एक्सरसाइज को करने से शरीर में फुर्ती भी आएगीसीढ़ियां चढ़ने से मोटापे से ग्रसित कुछ लोगों में कार्डियोपल्मोनरी यानी हृदय व फेफड़ों से जुड़ी परेशानी हो सकती है कम शारीरिक फिटनेस वाले लोगों का कई बार जल्दी-जल्दी सीढ़ियां चढ़ते उतरते समय संतुलन बिगड़ सकता है। इससे चोट लगने की आशंका भी हो सकती है । क्षमता से अधिक सीढ़ी चढ़ना थकान का कारण बन सकता है।सांस की नली एवं फेफड़े में इंफेक्शन जैसे निमोनिया, दम्मा, सीओपीडी फेफड़े एवं सांस की नली में सूजन, सांस फूलने का प्रमुख कारण हैं। दम्माएवं सीओपीडी : विश्वमें मौत का चौथा सबसे बड़ा कराण सीओपीडी है। सिगरेट, धुआं, प्रदूषित वातावरण, सीओपीडी एवं दम्मा के प्रमुख कारण है। *सांस फूलना कैसे कम करे?*
धूम्रपान को टालें तम्बाकू का सेवन बिलकुल न करें प्रदूषण से दूर रहें
बहुत ज़्यादा ठण्ड से बचके रहें वजन घटाएं बहुत ही कठिन व्यायाम न करें हेल्दी खाना खाएं घंटे की नींद जरूर लें
शरीर में आयरन की कमी हो तब भी सांस फूलती है। विटामिन b12 भी फेफड़ों की कैपेसिटी को बढ़ाता है
विटामिन डी फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख पोषक तत्व है, और विटामिन डी की कमी होने से श्वसन पथ के संक्रमण और सीओपीडी सहित फेफड़ों को प्रभावित करने वाली स्थितियों के विकसित होने का खतरा बढ़ सकता हैफेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीइंफ्लामेटरी फूड की जरूरत होती है। इसलिए हल्दी, टमाटर, खट्ठे फल, कद्दू, सेब, चुकंदर को जरूर खाएं।डिहाइड्रेशन की समस्या के कारण सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस फूलने लगती है। भरपूर मात्रा में पानी पिएं, चाहे तो आप रोजाना नारियल पानी और फलों के जूस को भी शामिल कर सकते हैं। – तनाव के कारण भी दो-चार सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांसे फूलने लगती है। ऐसे में आप तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें।हालाँकि सीढ़ियाँ चढ़ना निस्संदेह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, लेकिन इससे घुटनों, कूल्हों और पैरों पर तनाव पड़ता है – विशेषकर नीचे जाने पर। पेटेलोफ़ेमोरल दर्द सिंड्रोम, डॉक्टरों द्वारा देखा गया घुटने के दर्द का सबसे आम कारण है और यह दर्द है जो सीढ़ियाँ चढ़ने या बैठने की गतिविधियों के साथ बढ़ता है।
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशन ट्रेंड योगा टीचर एंड होम्योपैथी फार्मासिस्ट नॉमिनेटेड फॉर नेशनल यूथ अवार्ड एंड पदम भूषण 9463819002



