आओ बाहर खेलने चले डॉ अर्चिता महाजन खुले में रहने वाले बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास ज्यादा क्यों होता है

*आओ बाहर खेलने चले डॉ अर्चिता महाजन खुले में रहने वाले बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास ज्यादा क्यों होता है*
*क्या आपने कभी किसी पशु या पक्षी को बिमारी से मरते हुए देखा है*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डायटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर ने बताया कि जो बच्चे घर के अंदर की अपेक्षा बाहर अधिक खेलते हैं उनका मानसिक और शारीरिक विकास और कम मोटापे की दर और मायोपिया (निकट दृष्टि) जोखिम से जुड़ा हुआ लाभ मिलता है
शोध से पता चलता है कि जब बच्चे प्राकृतिक परिवेश में समय बिताते हैं तो उनमें गुस्सा और आक्रामकता कम होती है।
ऐसा देखा गया है कि जो बच्चे घर के बाहर खेलते हैं, वो घर के अंदर रहने वाले बच्चों के मुकाबले ज्यादा अच्छी तरह से लोगों से बातचीत करते हैं, और जल्दी ही लोगों के बीच घुल मिल भी जाते हैं. बाहर खेलने वाले बच्चे नए-नए दोस्त बनाते हैं जिससे उनका सोशल और कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होता है.आउटडोर गेम्स खेलने से उनकी मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं, इम्युनिटी मजबूत होती है शुद्ध हवा फेफड़ों तक पहुंचती है। इसलिए बच्चों को गैजेट्स से दूर नेचर के करीब ले जाएं।
जब बच्चे बाहर निकलते हैं तो उनको खुली धूप में घूमने का मौका मिलता है। उससे उनके अंदर डोपमिन तैयार होता है। डोपमिन एक न्यूरोट्रांसमिटर है जो पॉजिटिव अहसास को बढ़ाता है। बाहर खेलने के बाद अच्छी नींद आती है। इस सबका फायदा यह होता है कि बच्चों के अंदर पढ़ाई और दूसरे काम के लिए फोकस बढ़ता है
आउटडोर गेम्स जैसे कबड्डी, खो-खो, छुपन-छुपाई और अकड़म-पकड़म हमारे पुराने खेल हैं। इनमें कुछ खर्च नहीं करना पड़ता और खूब मजा भी आता है। इसके अलावा क्रिकेट, टैनिस, फुटबॉल, बैडमिंटन तथा हॉकी आदि को बच्चो को खेलाकर आप उनका विकास और अधिक तेज एवम मजबूत बना सकते हैं।
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशन ट्रेंड योगा टीचर एंड होम्योपैथी फार्मासिस्ट नॉमिनेटेड फॉर नेशनल यूथ अवार्ड एंड पदम भूषण 9463819002



