योगा डे स्पेशल ,बेड पर बैठे-बैठे टीवी देखते हुए करें यह योग सीनियर डाइटिशियन शाह हॉस्पिटल कैथल* * योगा डे स्पेशल शाह हॉस्पिटल कैथल में मनाया जाएगा।डॉ M S शाह,डॉ बिक्रमजीत सिंह डॉ किरणदीप कौर डॉ बिक्रमजीत सिंह कि रहुणमाई में ट्रेंड योगा टीचर डॉक्टर अर्चिता महाजन ने योग के फायदे बताए*
योगा डे स्पेशल शाह हॉस्पिटल कैथल में मनाया गया।डॉ M S शाह,डॉ बिक्रमजीत सिंह डॉ किरणदीप कौर डॉ बिक्रमजीत सिंह कि रहुणमाई में ट्रेंड योगा टीचर डॉक्टर अर्चिता महाजन ने योग के फायदे बताए*

*योगा डे स्पेशल ,बेड पर बैठे-बैठे टीवी देखते हुए करें यह योग सीनियर डाइटिशियन शाह हॉस्पिटल कैथल*
* योगा डे स्पेशल शाह हॉस्पिटल कैथल में मनाया गया।डॉ M S शाह,डॉ बिक्रमजीत सिंह डॉ किरणदीप कौर डॉ बिक्रमजीत सिंह कि रहुणमाई में ट्रेंड योगा टीचर डॉक्टर अर्चिता महाजन ने योग के फायदे बताए*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि आज योगा डे स्पेशल शाह हॉस्पिटल में मनाया गया। ट्रेंड योगा टीचर डॉक्टर अर्चिता महाजन योगा टिप्स देते हुए यह बताया कि कुछ प्रकार के योग ऐसे हैं जिन्हें आप टीवी देखते हुए बेड पर ही कर सकते हैं और बीमारियों से दूर रह सकते हैं। भुजंगासन*भुजंगासन (कोबरा मुद्रा) पेट के बल लेटकर किया जाने वाला एक बेहतरीन बैक-बेंडिंग योगासन है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, पीठ दर्द को दूर करता है, और फेफड़ों व छाती को खोलकर श्वसन क्रिया में सुधार करता है।भुजंगासन करने का सही तरीकाशुरुआती मुद्रा: पेट के बल सीधे लेट जाएं और माथे को जमीन पर टिका लें। अपने दोनों पैरों को पीछे सीधा रखें, एड़ियों और पंजों को आपस में मिलाकर रखें।हाथों की स्थिति: अपनी दोनों हथेलियों को छाती के दोनों ओर जमीन पर रखें। आपकी कोहनियां शरीर के पास होनी चाहिए और ऊपर की ओर मुड़ी हुई रहनी चाहिए।ऊपर उठना: गहरी सांस भरें और धीरे-धीरे अपने सिर, गर्दन और छाती को ऊपर की ओर उठाएं।मुद्रा बनाए रखें: अपने पेट के निचले हिस्से को जमीन पर ही रहने दें। नाभि तक के हिस्से को ऊपर उठाएं और कोबरा (सांप) के फन की तरह अपनी गर्दन को पीछे की ओर झुकाकर रखें। इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहें।वापस आना: सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपनी छाती, गर्दन और सिर को वापस जमीन पर ले आएं और मकरासन में लेटकर आराम करें।मुख्य लाभपीठ दर्द से राहत दिलाता है और रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है।पेट की चर्बी कम करने में मदद करता है और पाचन शक्ति बढ़ाता है。तनाव और थकान को दूर करता है ।तितली आसन*यह जोड़ों के दर्द को दूर करने और लचीलापन बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन और आसान स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज है :ज़मीन पर चटाई बिछाकर आराम से बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।अपने दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं (एड़ियां पेल्विस के करीब होनी चाहिए)।अपने पंजों को हाथों से पकड़ लें।अब अपने दोनों घुटनों को ऊपर और नीचे (तितली के पंखों की तरह) हिलाएं।सांस अंदर और बाहर लेते रहें और धीरे-धीरे गति बढ़ाएं।



