Voice of Himachal Media and Kala Manchअंबालाउनाकाँगड़ाकिन्नौरकुल्लूखेलगैजेट्सचंबाछत्तीसगढ़जम्मू कश्मीरडायटिशियन और न्यूट्रिशनदिल्लीदेशधर्मशालानूरपुरन्यूट्रिशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्टपंजाबपरवाणूबद्दीबिलासपुरमंडीराजनीतिरिवालसरलाइफस्टाइललाहौल और स्पीतीविदेशशिमलाश्रीनगरसरकाघाटसंस्कृतिसिरमौरसुंदरनगरसोलनहमीरपुरहरियाणाहिमाचल प्रदेशहिमाचल संस्कृति

साइलेंट हाई बीपी इतना खतरनाक क्यों है? डॉ अर्चिता महाजन सीनियर डाइटिशियन शाह हॉस्पिटल कैथल*

*साइलेंट हाई बीपी इतना खतरनाक क्यों है? डॉ अर्चिता महाजन सीनियर डाइटिशियन शाह हॉस्पिटल कैथल*

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन,होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और सीनियर डाइटिशियन शाह हॉस्पिटल कैथल ने बताया कि जब तक लक्षण दिखाई नहीं देते, ज्यादातर लोग ब्लड प्रेशर की जांच नहीं कराते। इस दौरान, हाई ब्लड प्रेशर शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता रहता है-साइलेंट हाई बीपी (Silent High BP), जिसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है, एक गंभीर स्थिति है जिसमें व्यक्ति का रक्तचाप (blood pressure) सामान्य से अधिक होता है, लेकिन इसके कोई स्पष्ट लक्षण या चेतावनी संकेत दिखाई नहीं देते हैं ।खतरा बढ़ जाता है: लक्षणों की अनुपस्थिति के कारण, लोग अक्सर डॉक्टर के पास जांच के लिए नहीं जाते हैं। इस दौरान, बढ़ा हुआ रक्तचाप चुपचाप रक्त वाहिकाओं, हृदय, गुर्दे और मस्तिष्क जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुँचाता रहता है ।अचानक समस्याएं होती हैं: अक्सर, साइलेंट हाई बीपी का पता तब चलता है जब यह एक आपातकालीन स्थिति, जैसे दिल का दौरा (heart attack), स्ट्रोक (stroke), या गुर्दे की बीमारी का कारण बन जाता है दिल पर प्रभाव- ब्लड प्रेशर पर एक्स्ट्रा दबाव से दिल की मांसपेशियां मोटी हो सकती हैं, दिल की काम करने की क्षमता घट सकती है और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।आर्टरीज को डैमेज- ज्यादा प्रेशर से आर्टरीज की भीतरी परत घिसती रहती है, जिससे एथेरोस्क्लेरोसिस की प्रक्रिया तेज हो जाती है।किडनी डैमेज- किडनी में मौजूद छोटे ब्लड वसल्स डैमेज हो सकते हैं, जिससे किडनी की काम करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।दिमाग पर प्रभाव- दिमाग के ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचने से स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
क्यों लंबे समय तक पता नहीं चलता?
साइलेंट हाइपरटेंशन के बारे में पता न चलने के कई कारण हैं, जैसे-धीरे-धीरे बढ़ते ब्लड प्रेशर के साथ शरीर खुद को ढाल लेता है, जिससे व्यक्ति को कोई असामान्यता महसूस नहीं होती।
कई लोगों में हाई ब्लड प्रेशर के सामान्य लक्षण नजर ही नहीं आते, खासतौर से शुरुआती स्टेज में।भारत जैसे देशों में, स्वस्थ व्यक्ति भी नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेकअप नहीं कराते। अक्सर लोग तब जांच कराते हैं जब कोई लक्षण दिखाई दे या कोई अन्य बीमारी हो।
कई लोग सोचते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर केवल स्ट्रेस, मोटे या बुजुर्गों को होता है। सेहतमंद दिखने वाले युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोग खुद को सुरक्षित मानकर जांच नहीं कराते।
कभी-कभी हल्के लक्षण, जैसे- थोड़ा सिरदर्द या थकान को तनाव, नींद की कमी या काम के दबाव का कारण मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

Related Articles

Back to top button