भारतीय बच्चे क्यूं हो रहे है मोटे ओर क्यूं इनमे बड़ रही है डायबिटीज डॉ अर्चिता महाजन

*भारतीय बच्चे क्यूं हो रहे है मोटे ओर क्यूं इनमे बड़ रही है डायबिटीज डॉ अर्चिता महाजन*
बच्चे कम उम्र में ही मोटापे का शिकार हो रहे हैं. बच्चों में मोटापा की समस्या कई रोगों को भी जन्म दे सकता है.
बचपन का मोटापा आगे बढ़कर डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकता है. 70 प्रतिशत मोटे युवाओं में कार्डियोवेस्कुलर बीमारी का कम से कम एक जोखिमभरा कारक होता है. मोटे बच्चों और किषारों में हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं, स्लीप एप्निया तथा निंदित महसूस करने और आत्म-सम्मान की कमी जैसी मनोवैज्ञानिक समस्याओं का जोखिम ज्यादा होता है.
जिन बच्चों के अंदर खेलने-कूदने की इच्छाशक्ति कम होती है या फिर वह घर ही खेलने के कारण बाहर नहीं निकलते हैं। इसके अलावा जो बच्चे शारीरिक गतिविधियों में कम दिलचस्पी दिखाते हैं। उन बच्चों को मोटापा अपना शिकार बना लेता है। आजकल बच्चों को पौष्टिक खाना अच्छा ही नहीं लगता है, उन्हें तो जंक फूड जैसे – स्नैक्स, चाट, फास्ट फूड, स्ट्रीट फूड और हाई कैलोरी फूड खाने में मजा आता है। जोकि बच्चों में मोटापे (obesity in kids) का मुख्य कारण होता है। इसके अलावा, टॉफी, मिठाई व सॉफ्ट ड्रिंक्स के कारण भी बच्चों का वजन बढ़ने लगता है आजकल के बच्चे बहुत जिद्दी होते हैं, जिसके कारण माता-पिता को उनकी बात माननी पड़ती है। ऐसे में बच्चे अधिकतर समय टीवी और विडियो गेम के साथ गुजारते हैं और कोई काम नहीं करते हैं। जिसके चलते शारीरिक गतिविधि नहीं हो पाती है और मोटापा बढ़ने लगता है। ऐसे में पैरेंट्स को बच्चों में हेल्दी ईटिंग हैबिट विकसित करने पर ध्यान देना बेहद ही जरूरी है. जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो भूख बढ़ाने वाले हार्मोंस में बदलाव होता है, जिससे भूख लगने लगती है. जब बच्चे का शरीर थका हुआ होता है तो वे बहुत फुर्तीले नहीं होते. किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी के प्रति उत्साहित नहीं होते हैं. ऐसे में बच्चों को उनकी उम्र के आधार पर प्रत्येक रात कम से कम 8 से 14 घंटे की नींद की ज़रूरत होती है. बच्चे के सोने का एक तय समय निर्धारित करें बच्चो को प्रतिदिन 8 से 10 ग्लास पानी के पिलाए
कोल्ड ड्रिंक्स में कंसेंट्रेटेड शुगर होती है लिमिट से अधिक शुगर का सेवन करने से भी मोटापा होता है जिससे डायबिटीज और अन्य बीमारी होने का खतरा भी बड़ जाता है इसलिए आप बच्चो को कोल्ड ड्रिंक्स की जगह नींबू पानी नारियल पानी दे इनसे vh स्वास्थ्य रहेंगे और मोटापे का शिकार भी नही होंगे । इसके इलावा बच्चो को जंक फूड की जगह हरी सब्जियां, मौसमी फल, लीन मीट, बींस, अंडा, दूध, दूध से बने खाद्य पदार्थ रखें. इन सभी चीजों में फैट बेहद कम होता है. बच्चे को प्रतिदिन 2 फल और एक हरी सब्जी प्रत्येक भोजन के साथ अवश्य खिलाएं.
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशन ट्रेंड योगा टीचर एंड होम्योपैथी फार्मासिस्ट नॉमिनेटेड फॉर नेशनल यूथ अवार्ड एंड पदम भूषण 9463819002



