बच्चों का भी लिवर फैटी हो सकता है जानिए लक्षण कारण और नुकसान डॉ अर्चिता महाजन

*बच्चों का भी लिवर फैटी हो सकता है जानिए लक्षण कारण और नुकसान डॉ अर्चिता महाजन*
*लक्षण*
1.मोटापा या अधिक वजन: फैटी लिवर वाले से जूझने वाले सभी बच्चे मोटापे का शिकार नहीं होते हैं, हालांकि, कुछ में अधिक वजन देखने को मिलता है। शरीर का एक्स्ट्रा वजन, खासकर पेट के आसपास, एनएएफएलडी के लिए एक सामान्य जोखिम कारक है।
2.थकान और कमजोरी: फैटी लिवर वाले बच्चे बेवजह थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, जिससे उनका दैनिक जीवन काफी प्रभावित हो सकता है।
3. पेट में दाहिने हिस्से में दर्द: फैटी लिवर वाले कुछ बच्चों को पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में असुविधा या फिर हल्के दर्द का अनुभव हो सकता है।
4.हाई कोलेस्ट्रॉल–ब्लड टेस्ट के जरिए कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के असामान्य लेवल नजर आ सकते हैं, जो फैटी लिवर डिजीज से जुड़े हैं।
*परिणाम*
लीवर की गतिविधियां गड़बड़ाने से बच्चों का शारीरिक विकास बाधित होता है। लीवर भोजन में मौजूद पोषक तत्व एंटीऑक्सीडेंट्स, मिनरल्स, विटामिन आदि को अलग करता है। फिर जरूरत के अनुसार, शरीर के विभिन्न अंगों को पोषक तत्व भेजता है। ऐसे में फैटी लीवर होने पर शरीर के अंगों तक पोषक तत्व पहुंच नहीं पाता है।
इंसुलिन रेसिस्टेंस और टाइप 2 मधुमेह – फैटी लिवर रोग का इंसुलिन रेसिस्टेंस से गहरा संबंध है और एनएएफएलडी वाले कुछ बच्चों में समय के साथ टाइप 2 मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है।
*उपाय*
जंक फूड से करे परहेज
नमक का सेवन कम करे
रेड मीट को अवॉइड करे
कोल्ड ड्रिंक्स और चीनी का सेवन कम करे इसकी जगह पर बच्चो को नींबू पानी और छाछ और नारियल पानी के लिए प्रेरित करे हरी सब्जियां खाएं
योग और आयुर्वेद को लाइफ में शामिल करे इससे इन परेशानियों से बचा जा सकता है और लिवर को हेल्दी रखा जा सकता है।
*होम्योपैथी उपचार*
होम्योपैथी मेडिसिन जैसे कलकीरिया कारब ,नक्स वॉमिका , फॉस्फोरस ,लाइकोपोडियम, चेलोडोनियम सिंपटम्स के अनुसार ले सकते है
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशन ट्रेंड योगा टीचर एंड होम्योपैथी फार्मासिस्ट नॉमिनेटेड फॉर नेशनल यूथ अवार्ड एंड पदम भूषण 9463819002



