40–45 साल की उम्र के बाद कितने चम्मच घी खाने चाहिए डॉ अर्चिता महाजन

*40–45 साल की उम्र के बाद कितने चम्मच घी खाने चाहिए डॉ अर्चिता महाजन*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशन ट्रेंड योगा टीचर एंड होम्योपैथी फार्मासिस्ट नॉमिनेटेड फॉर नेशनल यूथ अवार्ड एंड पदम भूषण ने बताया कि घी को खाना पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले किसी भी अन्य तेल की तुलना में बेहतर माना जाता है। घी पूरी तरह प्राकृतिक है और ट्रांस फैट से मुक्त है। घी में स्वस्थ एसिड और विटामिन बी 2, विटामिन बी 12, विटामिन बी 6, विटामिन सी, विटामिन ई सहित अन्य पोषक तत्व होते हैं और यह विटामिन का एक स्रोत है। घी में ओमेगा-3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड होते हैं घी का जिक्र आयुर्वेद में भी है। जो लोग घी लेते हैं उन्हें अलजाइमर्स, डेमेंशिया और अलर्टनेस की दिक्कत नहीं होती। घी के एलिमेंट्स दिमाग को शांत करते हैं। हवन में और दीये में घी का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इसकी अग्नि वातावरण ठीक करती है। घी फर्टिलिटी में भी फायदा करता है।
घी कुछ लोगों के लिए इसलिए हानिकारक हो जाता है क्योंकि उन्हें पता ही नहीं है की इसे कितनी मात्रा में खाना चाहिये. डॉक्टर्स बताते हैं कि अनेक फायदे होने के बावजूद भी आपको एक दिन में दो चम्मच से ज्यादा घी नहीं खाना चाहिए. याद रखें की इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा भी सकता है. 45 साल की उम्र के लोगों को 1 से 2 चम्मच देसी घी लेना चाहिए इससे आपके शरीर को 10-12 ग्राम ‘घी’ मिल जाएगा।
अगर कोई व्यक्ति वर्कआउट, वॉक या एक्सरसाइज नहीं करता है तो उसे ज्यादा घी खाने से दिल की आर्टरी में दिक्कतें पैदा हो सकती है. साथ ही फैटी एसिड वाले को घी नहीं खाना चाहिए. किसी को दिल, पेट, लंग्स संबंधी किसी भी तरह की बीमारी है तो उसे डॉक्टर से सलाह के बाद ही घी खाना चाहिए.
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशन ट्रेंड योगा टीचर एंड होम्योपैथी फार्मासिस्ट नॉमिनेटेड फॉर नेशनल यूथ अवार्ड एंड पदम भूषण 9463819002



