300 बीमारियों का इलाज करती है यह सब्जी डॉ अर्चिता महाजन*

22 जुलाई 2023 वॉइस ऑफ हिमाचल ब्यूरो रिपोर्ट :- मोहन हिमाचली
300 बीमारियों का इलाज करती है यह सब्जी डॉ अर्चिता महाजन*
प्रधानमंत्री मोदी ने फिट इंडिया डायलॉग में सहजन का या फिर कहें ड्रमस्टिक के बारे में बताया था
सहजन फली की सब्जी के बारे में कम ही जानते हैं। यह सब्जी कई बड़ी बीमारियों का इलाज करती है। इसकी फलियों में पोषक तत्व, खनिज और विटामिन होते हैं। आयुर्वेद कहता है कि सहजन की फली 300 बीमारियों का इलाज करती है। प्रधानमंत्री मोदी को भी सहजन की फली बहुत पसंद है
यह पेड़ एक एंटीबायोटिक, एनाल्जेसिक, एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीकैंसर, एंटीडायबिटिक, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीजिंग के रूप में काम करता है। इसमें विटामिन b1 b2 b3 बी सिक्स पाया जाता है इसमें पोटेशियम आयरन कैल्शियम और मैग्नीशियम पाया जाता है यदि *डायबिटीज* पेशेंट इस फली के पराठे खाते हैं तो उनकी डायबिटीज नियंत्रित रहती है
इसमें *ब्लड को शुद्ध* करने वाले गुण होते हैं। यह एक शक्तिशाली एंटीबायोटिक एजेंट के रूप में काम करती है। नियमित रूप से इसका सेवन करने वालों को खून की खराबी से होने वाली बीमारियां नहीं होती हैं।
सहजन की फली नियासिन, राइबोफ्लेविन जैसे विटामिन बी और *विटामिन बी-12* का एक बड़ा स्रोत है, जो पाचन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसमें फाइबर होता है जो पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करता है। सहजन की फली के सबसे बड़े फायदों में शामिल है ह़ड्डियों की मजबूती। इसमें प्रचूर मात्रा में आयरन और कैल्शियम होता है। नियमित सेवन से हड्डियों का क्षरण कम होता है और ताकत बढ़ती है। इसके साथ सूजन, कोलेस्ट्रॉल, यौन क्षमता को बेहतर करने व मांसपेशियों की समस्या से बचाव करने वाले गुण भी हैं. इसके फूल में फाइबर की मात्रा काफी होती है, जिससे पाचन तंत्र स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है. वजन घटाने में भी सहजन के फूल सहायक हैं. जिन्हें पथरी की समस्या हो उन्हें सहजन की सब्जी और सहजन का सूप जरूर पीना चाहिए. इससे पथरी बाहर निकल जाती है. सहजन ब्लडप्रेशर को सामान्य करता है. दिल की बीमारी में भी यह बहुत फायदेमंद होता है. कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है. इस तरह सहजन आपकी सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. इसमें क्लोरोजेनिक एसिड और एंटी-ओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं, जो बढ़े हुए वजन को कम करने में मदद कर सकते हैं.इसमें एंटी-अल्सर गुण मौजूद होते हैं, जिस कारण ये अल्सर के जोखिम से बचाव करने में मददगार हो सकती है.इसमें क्वारसेटिन नामक फ्लैवनॉल होते हैं, जो हेपाटोप्रोटेक्टिव की तरह कार्य करते हैं, यानी लिवर को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाकर सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं।
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशन ट्रेंड योगा टीचर एंड होम्योपैथी फार्मासिस्ट नॉमिनेटेड फॉर नेशनल यूथ अवार्ड एंड पदम भूषण



