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घुमारवीं बस स्टैंड पर सार्वजनिक पिटाई: निजी न्याय बनाम कानून का शासन। आपके क्या विचार हैं?

घुमारवीं बस स्टैंड पर सार्वजनिक पिटाई: निजी न्याय बनाम कानून का शासन। आपके क्या विचार हैं?

​वॉइस ऑफ़ हिमाचल मीडिया ब्यूरो रिपोर्ट घुमारवी :-मोहन हिमाचली मीडिया चेयरमैन

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश के घुमारवीं बस स्टैंड से एक घटना सामने आई है, जिसकी तस्वीरें/वीडियो चर्चा का विषय बने हुए हैं। कथित तौर पर, एक महिला ने एक बस कंडक्टर को चप्पलों से पीटा। महिला का आरोप था कि कंडक्टर ने उसके “चरित्र पर उंगली उठाई” थी। ​यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ भावनाएँ प्रबल हैं, और हम महिला के क्रोध को समझ सकते हैं यदि उनके साथ वास्तव में दुर्व्यवहार किया गया हो। किसी भी महिला की गरिमा पर सवाल उठाना गलत है और इसके खिलाफ आवाज़ उठाना ज़रूरी है।
​हालांकि, इस घटना ने “कानून को अपने हाथ में लेने” के गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। भारतीय कानून निजी न्याय (vigilante justice) की अनुमति नहीं देता है।
​कंडक्टर के खिलाफ कानून: यदि कंडक्टर ने वास्तव में अपमानजनक या चरित्र-हनन वाली टिप्पणी की थी, तो यह भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 509 (महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के इरादे से शब्द, हावभाव या कार्य) के तहत एक अपराध हो सकता है। महिला को तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी।
​महिला के खिलाफ कानून: दूसरी ओर, किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से पीटना भी कानूनन अपराध है। यह IPC की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाना) और धारा 504 (लोक शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) के तहत मामला बन सकता है। निजी तौर पर सजा देना कानून के शासन के खिलाफ है।
​दूसरी तरफ बस कंडक्टर ने भी महिला के विरुद्ध FIR कर दी है और यदि मान लो वह दोषी नहीं पाया जाता तो ​ इस मामले में सार्वजनिक पिटाई से कंडक्टर की प्रतिष्ठा और सामाजिक स्थिति को अपूरणीय क्षति हुई है। यदि बाद में पुलिस जांच में वह निर्दोष साबित होता है, तो क्या इस सार्वजनिक अपमान की भरपाई की जा सकती है? ​उसकी नौकरी उसकी इज़्ज़त, प्रतिठा, स्वाभिमान का क्या होगा जो इस घटना के बाद खो गया । एक झूठे आरोप या गलतफहमी के आधार पर किसी का जीवन बर्बाद करना सही है? ​क्या महिला का सार्वजनिक रूप से कंडक्टर को पीटना सही था, या उसे कानून का सहारा लेना चाहिए था? क्या किसी व्यक्ति को उसकी बात सुने बिना दोषी मान लेना सही है? अपने विचार कमेंट में साझा करें।

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