35 वर्षों से बंद बस सेवा बहाल करने की मांग, ग्राम पंचायत धनालग के नए प्रधान लेख वर्मा जी ने ने उठाई आवाज

वॉइस ऑफ़ हिमाचल मीडिया एव कला मंच:24 सितंबर २०२६ ब्यूरो रिपोर्ट सरकाघाट :- मोहन हिमाचली
35 वर्षों से बंद बस सेवा बहाल करने की मांग, नए प्रधान लेख वर्मा ने उठाई आवाज
सड़क सुविधा के बावजूद बस सेवा शुरू न होने से ग्रामीणों में परेशानी, मुख्यमंत्री और परिवहन विभाग से हस्तक्षेप की मांग
सरकाघाट । सुंदरनगर से लेदा, बदरूड़ा, घरवासड़ा, टिक्कर, धनालग और धबोई होते हुए बल्दवाड़ा-जाहू-सर्काघाट मार्ग पर लंबे समय से बंद पड़ी बस सेवा को दोबारा शुरू करवाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस जनहित के मुद्दे को नवनिर्वाचित प्रधान लेख वर्मा ने दोबारा प्रमुखता से उठाते हुए सरकार और प्रशासन से बस सेवा बहाल करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर बस सेवा लगभग 35 वर्षों से बंद है। पोस्टर के माध्यम से बताया गया है कि क्षेत्र में सड़क सुविधा अब काफी बेहतर हो चुकी है, लेकिन नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों, कर्मचारियों, बुजुर्गों, महिलाओं और आम लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी पूर्व प्रधानों, वर्तमान एवं पूर्व विधायकों तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों के समक्ष कई बार मांग और आवेदन रखे गए, लेकिन अभी तक बस सेवा बहाल नहीं हो सकी। अब नए प्रधान लेख वर्मा द्वारा इस मुद्दे को दोबारा उठाए जाने से क्षेत्रवासियों को उम्मीद जगी है कि इस बार उनकी मांग पर गंभीरता से कार्रवाई होगी।
प्रधान लेख वर्मा की ओर से मुख्यमंत्री एवं परिवहन विभाग से आग्रह किया गया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सुंदरनगर–लेदा–बदरूड़ा–घरवासड़ा–टिक्कर–धनालग–धबोई–बल्दवाड़ा–जाहू–सर्काघाट मार्ग पर बस सेवा पुनः शुरू करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस सेवा बहाल होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही यह सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों के आवागमन और विकास से भी सीधे जुड़ी हुई है।
अब देखना होगा कि वर्षों पुरानी इस मांग पर सरकार और परिवहन विभाग कब तक सकारात्मक कार्रवाई करते हैं। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि नए प्रधान लेख वर्मा की पहल के बाद इस मामले में जल्द कोई ठोस निर्णय सामने आएगा।
जनहित की मांग — 35 वर्ष पुरानी बस सेवा बहाल करो। 🚌



