मां मैंने चिप्स नहीं चुराए जमीन से उठाए थे। कहकर आत्महत्या की, सीसीटीवी से भी सब क्लियर हुआ* *

*मां मैंने चिप्स नहीं चुराए जमीन से उठाए थे। कहकर आत्महत्या की, सीसीटीवी से भी सब क्लियर हुआ*
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*बांग्लादेशियों की पनाहगार बने राज्य में घटित हुई घटना*
*चिप्स चुराने के आरोप पर सिविक वॉलिंटियर और दुकानदार द्वारा पिटाई के बाद आत्महत्या*
पश्चिम बंगाल में एक बच्चे ने सबके सामने डांटे और मारे जाने पर अपनी जान दे दी, बच्चों के साथ कब कैसा व्यवहार करना चाहिए, माता-पिता को भी ये समझने की जरूरत है.दरअसल, ये बच्चा सातवीं क्लास का छात्र था। पुलिस ने बच्चे की मां के हवाले से बताया कि गुरुवार शाम को बच्चा गोसाईबर बाजार में एक दुकान पर चिप्स खरीदने गया था।। पुलिस अधिकारी ने परिवार की शिकायत के हवाले से बताया कि दीक्षित ने बच्चे का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसने बच्चे को थप्पड़ मारा और सड़क पर सबके सामने उठक-बैठक करने को कहा। पुलिस ने आगे बताया कि इसके बाद बच्चे की मां को भी बुलाया गया। मां ने भी बच्चे को डांटा और थप्पड़ भी मारा। बच्चे ने माफी मांगते हुए तुरंत भुगतान करने को भी कहा, लेकिन दुकानदार ने बच्चे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। इस पूरी घटना के बाद बच्चा अपनी मां के साथ घर लौट आया और कमरे में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला और परिवार और पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा।
सुसाइड नोट बरामद
इस दौरान बच्चे के मुंह से झाग निकल रहा था और उसके पास कीटनाशक की आधी खाली बोतल पड़ी हुई थी। बच्चे के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया। हालांकि इसके बाद बच्चे को आनन-फानन में अस्पताल लेकर जाया गया, लेकिन उसके थोड़ी ही देर में मौत हो गई। सुसाइड नोट में बच्चे ने बांग्ला में लिखा था, “मां, मैं चोर नहीं हूं। मैंने चोरी नहीं की। जब मैं इंतजार कर रहा था तो अंकल (दुकानदार) आसपास नहीं थे। लौटते समय मैंने सड़क पर कुरकुरे का पैकेट पड़ा देखा और उसे उठा लिया। मुझे कुरकुरे बहुत पसंद हैं। जाने से पहले ये मेरे अंतिम शब्द हैं। कृपया इस कृत्य (कीटनाशक का सेवन) के लिए मुझे क्षमा करें।
*सीसीटीवी फुटेज सामने आया*
जिस दौरान कृष्णेंदु चिप्स खरीदने गया था. उस दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ पता चल रहा है कि बच्चा झूठ नहीं बोल रहा था. सीसीटीवी फुटेज में दुकान के सामने चिप्स का पैकेट पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है. यही बात बच्चे ने अपने सुसाइड नोट में लिखी और कही थी. वहीं कृष्णेंदु की मौत के बाद से दुकानदार शुभंकर फरार है. लेकिन उसके घर पर तोड़फोड़ की गई.
दुकानदार को लेकर आक्रोश
घटना के बाद से इलाके के लोगों में दुकानदार को लेकर आक्रोश है.



