भारत में तुर्की के नाम पर बनी हुई सड़कों के नाम ब्रह्मोस रखने की मांग उठी

हद हो गई आजाद भारत में अभी तक देश की प्रमुख सड़कों के नाम आक्रमणकारियों अत्याचारियों और लुटेरे के नाम पर बनी हुई है। इससे शर्मनाक क्या होगा औरंगज़ेब रोड का नाम डॉक्टर अब्दुल कलाम जी के नाम पर अभी-अभी बदला है। । अब भारत में बायकॉट तुर्की की मांग उठ रही है जिसके चलते दुनिया को अब पता चला कि भारत में एक प्रमुख सड़क का नाम तुर्की के नाम पर है।CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि प्रधानमंत्री आवास के पास 30 वर्षों से लगा मुस्तफा कमाल अतातुर्क का साइन बोर्ड तुरंत हटाया जाए. उन्होंने कहा कि यह उचित नहीं है कि राजधानी की प्रमुख लोकेशन पर उस देश के संस्थापक का नाम हो, जो लगातार भारत विरोधी रुख अपनाए हुए है.
कौन थे अतातुर्क?
मुस्तफा कमाल अतातुर्क तुर्की के संस्थापक और पहले राष्ट्रपति थे. उनके ऊपर ही दिल्ली में इस सड़क का नाम रखा गया है. लेकिन CTI का कहना है कि अब समय आ गया है कि भारत की नई सोच और बदली हुई अंतरराष्ट्रीय स्थिति के अनुरूप निर्णय लिए जाएं.



