डायबिटीज पेशेंट को सुबह शाम दूध के साथ अश्वगंधा क्यों लेनी चाहिए डॉ अर्चिता महाजन* *यदि आप डायबिटीज की दवा अश्वगंधा के साथ ले रहे हैं तो अपना डायबिटीज लेवल डेली चेक करें*
बीपी लो रहता है तो अश्वगंधा का प्रयोग ना करें*

*डायबिटीज पेशेंट को सुबह शाम दूध के साथ अश्वगंधा क्यों लेनी चाहिए डॉ अर्चिता महाजन*
*यदि आप डायबिटीज की दवा अश्वगंधा के साथ ले रहे हैं तो अपना डायबिटीज लेवल डेली चेक करें*
*बीपी लो रहता है तो अश्वगंधा का प्रयोग ना करें*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया किअश्वगंधा पैंक्रियाज की बीटा कोशिकाओं को सक्रिय कर इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है। यह डायबिटीज टाइप 2 के रोगियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है।अश्वगंधा में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को संतुलित करने में मदद करते हैं। यह इन्सुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाने में भी कारगर है, जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा कम होती है।अश्वगंधा को इंडियन जिनसेंग भी कहा जाता है। यह एक आयुर्वेदिक हर्ब है, जिसके कई संभावित स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं। अश्वगंधा के पौधों में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो कोशिकाओं को मुक्त कणों से बचाने में मदद कर सकते हैं। इससे तनाव के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया में सुधार होता है और ब्लड ग्लूकोज लेवल घटता है। अश्वगंधा प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाकर कुछ बीमारियों से भी सुरक्षित करता है।बीपी लो रहता है तो अश्वगंधा का प्रयोग ना करेंअश्वगंधा को पाउडर के रूप में डायरेक्ट सेवन किया जा सकता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों को काफी फायदा मिलता है, साथ ही आप ज्यादा मात्रा में सोडियम को यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकाल सकते है. इस पेट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है. कुछ लोग इसे देसी घी में मिलाकर खाते हैं जिससे अश्वगंधा की नेचुरल एंटीऑक्सिडेंट प्रॉपर्टीज बेहतर हो जाती है. आप चाहें तो अश्वगंधा की चाय भी पी सकते हैं.



