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मुलेठी की तसीर ठंडी होती है छोटी मोटी खांसी सर्दी जुकाम में एंटीबायोटिक से पहले इसे ले डा अर्चिता महाजन*

सर्दी खांसी जुकाम के अलावा पेट या सीने में जलन,मुंह के छाले पेशाब में जलन, सिरदर्द आदि रहती हैं, तो मुलेठी फायदेमंद हो सकती है।*

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मुलेठी की तसीर ठंडी होती है छोटी मोटी खांसी सर्दी जुकाम में एंटीबायोटिक से पहले इसे ले डा अर्चिता महाजन*

*सर्दी खांसी जुकाम के अलावा पेट या सीने में जलन,मुंह के छाले पेशाब में जलन, सिरदर्द आदि रहती हैं, तो मुलेठी फायदेमंद हो सकती है।*

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि कुछ लोगों को वह होता है कि इसकी तसीर गर्म होती है इसलिए वह गर्मियों में सर्दी जुकाम में से प्रयोग नहीं करते। परंतु होता है से उल्टा है इसकी तस्वीर ठंडी होती है और यह किसी भी मौसम में सर्दी जुकाम खांसी में से प्रयोग किया जा सकता है।मुलेठी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण सर्दी-जुकाम या गले की खराश से राहत देते हैं। मुलेठी की चाय या पाउडर बनाने का समय नहीं है तो आप मुलेठी की डंठल चूसें। इसका रस सर्दी-जुकाम दूर करता है। आपको मुलेठी का ज्यादा फायदा मिले इसके लिए मुलेठी पाउडर को अदरक के रस और शहद के साथ मिलाकर सेवन करें।
मुलेठी (लाइकोराइस) एक पौष्टिक और औषधीय घटक है जो आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है:
मुलेठी के गुण
1. *शीतल गुण*: मुलेठी को आमतौर पर शीतल गुणों वाली माना जाता है, जो गर्मी और सूजन को कम करने में मदद कर सकती है।
2. *पाचन में सुधार*: मुलेठी पाचन में सुधार करने में मदद कर सकती है और पेट के दर्द को कम कर सकती है।
3. *कफ को कम करना*: मुलेठी कफ को कम करने में मदद कर सकती है और श्वसन संबंधी समस्याओं को दूर कर सकती है।
मुलेठी का उपयोग
1. *चाय*: मुलेठी की चाय बनाकर पी जा सकती है।
2. *काढ़ा*: मुलेठी का काढ़ा बनाकर पी जा सकता है।
3. *पाउडर*: मुलेठी का पाउडर बनाकर इसका सेवन किया जा सकता है।
सावधानियां
1. *अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना*: मुलेठी का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।
2. *गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सावधानी बरतनी*: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मुलेठी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
मुलेठी एक पौष्टिक और औषधीय घटक है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकती है। हालांकि, इसका सेवन करने से पहले सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं।मुलेठी में ग्लाइसीराइजिन होता है, जो बड़ी मात्रा में होने पर कुछ व्यक्तियों में ब्लड प्रेशर में वृद्धि, वॉटर रिटेंशन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन जैसे नुकसानों का कारण बन सकता है। डीग्लाइसीराइजिनेटेड मुलेठी (DGL), एसिड रिफ्लक्स जैसी कुछ पेट की समस्याओं के लिए मददगार हो सकता है। तो मुलेठी का शरबत पीते समय, संभावित प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए इसे सही तरीके से पिएं। पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियों, विशेष रूप से हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी या हाई बीपी वाले व्यक्ति और गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मुलेठी के नियमित सेवन से पहले एक्सपर्ट से बात कर लेनी चाहिए।

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