रोज चिकन खाने वाले व्यक्ति जल्दी टपक जाते हैं डॉ अर्चिता महाजन*
*रोज चिकन खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल यूटीआई हार्ट प्राब्लम हार्मोन असंतुलन*

*रोज चिकन खाने वाले व्यक्ति जल्दी टपक जाते हैं डॉ अर्चिता महाजन*
*रोज चिकन खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल यूटीआई हार्ट प्राब्लम हार्मोन असंतुलन*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि रोज चिकन खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है।अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि चिकन एलडीएल खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा देता है।यह बैड कोलेस्ट्रॉल होता है। अगर शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है, तो कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे आर्टरी में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल ब्लड फ्लो को बाधित कर सकता है, जिससे हार्ट से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।इस जनसंख्या-आधारित संभावित समूह अध्ययन ने मांस की खपत और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर (जीसी) और दक्षिणी इटली में मृत्यु दर के अन्य कारणों के बीच संबंध की जांच की। इसमें यह देखा गया कि 300 ग्राम से अधिक पोल्ट्री का सेवन करने वाले लोगों में 100 ग्राम से कम सेवन करने वालों की तुलना में सभी कारणों और जीसी दोनों से मृत्यु का जोखिम 27% अधिक था। महिलाओं की तुलना में पुरुषों के लिए जोखिम अधिक है।न्यूट्रिएंट्स’में हाल ही में किए गए एक अध्ययन में हाई पोल्ट्री कंजम्पशन और मृत्यु दर में वृद्धि, खासकर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर से, के बीच एक संभावित संबंध का पता चलता है। शोध में सामने आया कि हर हफ्ते300ग्राम से अधिक पोल्ट्री खाने वालों को100ग्राम से कम खाने वालों की तुलना में27%अधिक मृत्यु जोखिम का सामना करना पड़ा।रोज चिकन खाने से यूटीआई हो सकता है।अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी की पत्रिका mBio में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, चिकन से यूटीआई सहित कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं। अगर आप अच्छी क्वालिटी का चिकन नहीं खाते हैं, तो इसमें कई तरह के बैक्टीरिया हो सकते हैं। इसमें ई.कोली होने का जोखिम भी होता है। ऐसे में अगर आप रोज ई.कोली युक्त चिकन का सेवन कर बैठते हैं, तो कई तरह के इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है। इसमें यूटीआई भी शामिल है। यही नहीं, इस तरह के हार्मफुल चिकन का सेवन करने से बीमारियों का रिस्क भी बढ़ जाता है।अधिक चिकन खाने से अधिक यूरिक एसिड बनेगा जो कि प्रोटीन मेटाबॉलिज्म के बाद लिवर से प्रोड्यूस होता है जिससे जोड़ों की दिक्कत, किडनी की बीमारी, दिल के दौरे जैसी खतरनाक बीमारियां भी हो सकती हैं.



