साबुन साझा करने से हो सकता है बीमारी के होने का खतरा — डॉ अर्चिता महाजन

20 जुलाई 2023 वॉइस ऑफ हिमाचल मीडिया एवं कला मंच ब्यूरो रिपोर्ट मंडी :- मोहन हिमाचली
साबुन साझा करने से हो सकता है बीमारी के होने का खतरा — डॉ अर्चिता महाजन
नोरोवायरस रोटावायरस स्टेफिलोकोसी e coli शिगेला यह सभी साझा साबुन से फैल सकते है इनमें से कुछ घाव या त्वचा पर खरोंच लगने से फैल सकते हैं
वैसे तो साबुन शेयर करना अधिकतर सुरक्षित होता है, लेकिन एक संक्रमण है, जो एक ही साबुन शेयर करने से फैल सकता है। फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के फुटबॉल खिलाड़ियों के 2008 के एक अध्ययन में, जो खिलाड़ी साबुन शेयर करते थे, उनमें मेथिसिलिन-प्रतिरोधी स्टैफिलोकोकस ऑरियस (MRSA), एक एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी स्टैफ संक्रमण, के बार-बार होने की अधिक संभावना थी। इस संक्रमण के कारण, US CDC भी साबुन जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को शेयर न करने की सलाह देता है। इंडियन जर्नल ऑफ डेंटल रिसर्च में के एक अध्ययन में पाया गया कि बार साबुन में दो से पांच अलग-अलग तरह के कीटाणु होते हैं। इसके अलावा अमेरिकन जर्नल ऑफ इंफेक्शन कंट्रोल में एक अस्पताल में किए गए अध्ययन में पाया गया कि लगभग 62 प्रतिशत बार साबुन दूषित थे, साबुन पर छिपे बैक्टीरिया संभावित रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं। आजकल फंगल और बैक्टीरिया रेसिस्टेंट हो गए है इसलिए जितना हो सके साबुन साझा कम करे । साझा साबुन को इस्तेमाल करने से पहले इक बार पानी से दो ले । ध्यान रखें कि साबुन का इस्तेमाल करते समय आप अच्छी तरह से झाग बना लें। एक बार धोने के बाद याद से इसे सुखा लें क्योंकि गीले साबुन पर स्किन सेल्स के साथ बैक्टीरिया पनपने की अधिक संभावना होती है।
इसके बजाय लिक्विड सोप या बॉडी वॉश पर स्विच कर सकते हैं और यहां तक कि जीरो-टच डिस्पेंसर वाला साबुन भी चुन सकते हैं।
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रिशन डाइटिशन ट्रेंड योगा टीचर एंड होम्योपैथी फार्मासिस्ट नॉमिनेटेड फॉर नेशनल यूथ अवार्ड एंड पदम भूषण



