Uncategorized

2025 के लिए क्यों डरा रही है भविष्य मलिका की भविष्यवाणी

भविष्य मालिका उड़िया भाषा में लिखी एक प्राचीन पुस्तक है जिसे संत अच्युतानंद दास ने लिखा है. भविष्य मालिका में कलियुग के अंत होने की तरफ इशारा किया गया और कलियुग को लेकर कई तरह भविष्यवाणियां की गई हैं. 16वीं शताब्दी में पांच महापुरुषों ने अपनी तपस्या और ज्ञान के बल पर लगभग 318 पुस्तकें लिखी थी, जिसमें से एक भविष्य मालिका भी थी. भविष्य मालिका में साल 2025 में होने वाली कई घटनाओं का उल्लेख किया गया है, आइए जानते हैं क्या है वो भविष्य मालिक 2025 भविष्यवाणी
तीसरा विश्वयुद्ध – भविष्य मालिका में शनि के मीन राशि में गोचर करने से कई भविष्यवाणियां जुड़ीं हैं. 2025 में तीसरे विश्वयुद्ध के पहले चरण की शुरुआत हो सकती है. इस समय में कई देशों के बीच अलग-अलग वजहों से तनाव की स्थिति देखी जाएगी.
कहीं आग तो कहीं सर्व हवा का कहर – भविष्य मालिक की भविष्यवाणी के अनुसार साल 2025 में आसमान आग उगलेगा. भविष्य मालिका की इस भविष्यवाणी को परमाणु बम विस्फोट, आग उगलने वाली गर्मी या आग जनित दुर्घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.
असहनीय मौसम के प्रकोप से लोग सर्द हवाओं की चपेट में आ सकते हैं. सर्दी में लोगों का खून तक जम सकता है. साल 2025 के राजा मंगल हैं. जो रक्त, ऊर्जा के कारक हैं, ऐसे में मंगल का प्रभाव भी देखने को मिलेगा.जिन लोगों ने भविष्य मालिका को डिकोड किया है, उनके अनुसार कलयुग 4 लाख 32 हजार साल का होने वाला था, जिस तरह धरती पर अत्याचार, भष्ट्राचार और अधर्म के कार्य लगातार बढ़ रहे हैं उससे कलयुग नजदीक है, साल 2032 में कलयुग खत्म हो जाएगा.
फसल पर बुरा असर – भविष्य मालिका की एक भविष्यवाणी में शीतलहर के कारण खेती की बर्बादी की ओर भी इशारा किया गया है. इससे अनाज की कमी से लोग भूख से बेहाल हो सकते हैं
विचित्र महामारी – सांप्रदायिक हिंसा के मामले सामने आएंगे, जिससे पूरे देश में अव्यवस्था देखने को मिलेगी. तनावपूर्ण स्थिति सामने आएगी. विचित्र महामारी जन्म लेगी, बीमारी से जनता त्रस्त रहेगी.भविष्य मालिका की इन भविष्यवाणियों में संत अच्युतानंद ने जगन्नाथ मंदिर से जुड़ीं भी कई भविष्यवाणियों का उल्लेख भी किया है। इनमें से एक भविष्यवाणी उल्कापिंड से जुड़ी घटना से है जिसके अनुसार आसमान में एक ऐसी घटना घटेगी, जिससे लोगों को दो सूर्य नजर आएंगे। आइए, जानते हैं आसमान में दो सूर्य निकलने को लेकर और अन्य घटनाओं के बारे में भविष्य मालिका की भविष्यवाणियां।भविष्य मालिका में लिखी भविष्यवाणी के अनुसार कलियुग की चरम सीमा से कुछ पहले के दशकों में आकाश में एक ऐसी विचित्र घटना घटेगी, जिसमें आकाश में दो सूर्य चमकते हुए नजर आएंगे। लेकिन आकाश में वास्तव में 2 सूर्य नहीं निकलेंगे बल्कि यह किसी उल्कापिंड के कारण होगा। जो आकाश से धरती पर गिरते समय किसी सूर्य की तरह चमकता हुआ नजर आएगा। भविष्य मालिका में इस बात की भविष्यवाणी भी की गई है कि यह उल्कापिंड बंगाल की खाड़ी में गिरेगा जिससे कि पूरा ओडिशा और आसपास के कई शहर जलमग्न हो जाएंगे।भविष्य मालिका में इस धरती पर अंधेरा छा जाने का उल्लेख भी किया गया है। हालांकि, भविष्य मालिका में स्पष्ट तौर पर इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि धरती पर अंधकार किस कारण से छा जाएगा लेकिन भविष्य मालिका में इस बात का उल्लेख जरूर किया गया है कि धरती पर 7 दिनों के लिए घोर अंधेरा छा जाएगा। लोग अंधेरे के कारण घर में कैद होकर रह जाएंगे। दिन में भी रात प्रतीत होगी.भविष्य मालिका में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि दुनिया में इतनी भंयकर प्राकृतिक आपदाएं आएंगी कि मनुष्य की आधुनिक तकनीक भी असफल होती हुई नजर आएंगी। धरती का कोई हिस्सा जलमग्न हो जाएगा तो कोई हिस्सा जल की एक बूंद के लिए तरसेगा। प्रकृति का संतुलन बिगड़ने से हर जीव का जीवन बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।भविष्य मालिका में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि धरती पर बार-बार इतने भूकंप आएंगे कि धीरे-धीरे धरती की धुरी बदलती हुई नजर आएगी। इनमें से कुछ भूकंप बहुत छोटे होंगे, तो कुछ भूकंप भारी तबाही लेकर आएंगे। धरती की धुरी बदलने से कई अन्य घटनाएं देखने को मिलेंगी।भविष्य मालिका में शनि के मीन राशि में प्रवेश के बारे में बात की गई है. शनि, जो 29 मार्च 2025 को कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश करेंगे, अपने साथ कुछ विचित्र घटनाओं की संभावनाएं ला सकते हैं. इस गोचर के बाद विभिन्न तरह की दुर्घटनाओं जैसे आग लगना, उल्कापिंड का गिरना, बाढ़ आना और अन्य प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं. इसके अलावा, भविष्यवाणियों में यह भी कहा गया है कि इस समय में बीमारियों और महामारियों का प्रकोप बढ़ सकता है, जिससे लोग मुश्किलों में घिर सकते हैं.6 और 7 का जोड़ 13 होता है और इसी में 13 और मिलाने से 26 अंक आता है। इसी 26 अंक के माध्यम से अच्युतानंद दास ने भारत पर होने वाले हमले के बारे में भविष्वाणी की है। शनि जब मीन राशि में प्रवेश करेंगे तब भारत पर संकट के बादल छाएंगे। साल 2024 में शनि कुंभ से निकलकर मीन राशि में जाने वाले हैं।कलयुग के अंत के समय जीवन देने वाला सूर्य जीवन लेने वाला बन जाएगा। महागुप्त पद्म कल्प के अनुसार भगवान जगन्नाथ अपने हाथ में 12 हाथ की खड़ग लेकर पूरी धरती पर भ्रमण करके समस्त मलेच्छ लोगों को संहार करेंगे। जब सभी का संहार हो जाएगा तभी कलियुग का अंत हो जाएगा। भगवान कल्कि संभल ग्राम में होगा। संभल ग्राम उत्तर प्रदेश में भी है और उड़िसा में ही है। कल्कि भगवान का नाम चक्रमणी या चक्रधर होगा। उनके पिता के नाम विष्णुशर्मा होगा।
महाभारत के युद्ध को लेकर भी उनकी भविष्वाणी वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि महाभारत के युद्ध के समय कई लोग किसी कारणवश इस युद्ध में भाग नहीं ले पाए थे। वे सभी योद्धा युद्ध लड़ना चाहते है और अब उनकी यह इच्छा कलयुग के अंत में पुरी होगी जबकि कल्कि अवतार का जन्म होगा। भगवान बलराम भी युद्ध में भाग नहीं ले पाए थे। बलरामजी को ही जगन्नाथपुरी में बलबद्र के नाम से जाना जाता है। कलयुग के अंत में बलरामजी प्रकट होंगे। और कलयुग के अंत में महाभारत का अधुरा युद्ध फिर से लड़ा जाएगा।. इसके बाद 1,000 साल तक शांति का युग बना रहेगा।

Related Articles

Back to top button