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72 हूरों की क्या थ्योरी है जो बच्चों को बचपन से ही सिखाईजाती है

ऐसा लालच होगा तो आतंकवाद कभी खत्म नहीं होगा

“72 हूरें” एक ऐसा वाक्यांश है जो इस्लाम धर्म में जन्नत (स्वर्ग) में मौजूद सुंदर युवतियों को संदर्भित करता है। यह वाक्यांश अक्सर उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो अल्लाह की इबादत करते हैं और मरने के बाद जन्नत में जाते हैं. हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि यह वाक्यांश सिर्फ एक प्रतीक है, जो जन्नत में मौजूद अनंत सुख और आनंद को दर्शाता है, न कि 72 हूरों की संख्या को.
विस्तार में:
हूर:
हूर एक बहुत सुंदर युवा स्त्री होती है, जो जन्नत में रहती है.
72 हूरें:
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, जो लोग अल्लाह के रास्ते पर चलते हैं और इस्लाम के हर अकीदे को निभाते हैं, उन्हें मरने के बाद जन्नत नसीब होती है और इसी जन्नत में उनकी मुलाकात हूरों से होती है.
72 का अर्थ:
कुछ लोग 72 हूरों का जिक्र इसलिए करते हैं क्योंकि यह संख्या बहुत बड़ी होती है, जो जन्नत में मौजूद अनंत सुख और आनंद को दर्शाती है. हालांकि, कुछ लोग इस बात से सहमत नहीं हैं कि जन्नत में 72 हूरें होती हैं, बल्कि यह सिर्फ एक प्रतीक है.
फिल्म 72 हूरें:
हाल ही में एक फिल्म का नाम भी “72 हूरें” रखा गया है, जो दो फिदायीन की कहानी है जो मुंबई में आत्मघाती विस्फोट करते हैं और जन्नत में जाने की आशा करते हैं, according to Wikipedia.
संक्षेप में: “72 हूरें” एक लोकप्रिय वाक्यांश है जो इस्लाम धर्म में जन्नत में मौजूद सुंदर युवतियों को संदर्भित करता है। यह वाक्यांश अक्सर उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो अल्लाह की इबादत करते हैं और मरने के बाद जन्नत में जाते हैं जन्नत में हूर का कॉन्सेप्ट कुछ हद तक वैसा ही है जैसा स्वर्ग में अप्सरा को लेकर है. यानी एक ऐसी स्त्री जो वहां के अलावा कहीं और नहीं है. उसकी सुंदरता सबसे ऊपर है, उससे सुंदर कोई स्त्री किसी दुनिया में नहीं है. जन्नत में मौजूद इसी सुंदर स्त्री को इस्लाम में हूर कहा जाता है. इस्लाम में कहा जाता है कि जो लोग अल्लाह के रास्ते पर चलते हैं, इस्लाम के हर अकीदे को निभाते हैं उन्हें मरने के बाद जन्नत नसीब होती है और इसी जन्नत में उनकी मुलाकात हूरों से होती है. हालांकि, ये हूरें 72 होंगी इस पर जरूरत मतभेद हैं.

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