कोलेस्ट्रॉल ट्राइग्लिसराइड्स बड़े हुए हैं तो चीनी का प्रयोग मत करें डॉ अर्चिता महाजन*

*कोलेस्ट्रॉल ट्राइग्लिसराइड्स बड़े हुए हैं तो चीनी का प्रयोग मत करें डॉ अर्चिता महाजन*
*चीनी का अधिक सेवन इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकता है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है।*
डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित ने बताया कि कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को मिठाइयों का सेवन कम से कम ही करना चाहिए. मिठाइयों में शुगर और सैचुरेटेड फैट की अच्छी खासी मात्रा होती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है. ज्यादा मिठाइयां खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ जाता है.ज्यादा मीठा खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। मीठे में मौजूद चीनी और फैट, शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा को बढ़ाते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. चीनी का अधिक सेवन लीवर को अधिक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (BAD कोलेस्ट्रॉल) बनाने में मदद करता है, और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल (GOOD कोलेस्ट्रॉल) को कम करता है. फैट:मीठे खाद्य पदार्थों में, जैसे कि मिठाइयां, केक, और पेस्ट्री में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाती है. वजन बढ़ना:ज्यादा चीनी खाने से वजन बढ़ता है, जो खुद ही कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में योगदान करता है. ट्राइग्लिसराइड्स:चीनी का अधिक सेवन शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को भी बढ़ा सकता है, जो हृदय रोग का जोखिम कारक है.चीनी का अधिक सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है
1. *चीनी का अधिक सेवन*: चीनी का अधिक सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है, खासकर एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल।
2. *इंसुलिन प्रतिरोध*: चीनी का अधिक सेवन इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकता है, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है।
3. चीनी का अधिक सेवन ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ा सकता है
4. चीनी का अधिक सेवन*: चीनी का अधिक सेवन ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ा सकता है।
5. *लिवर की भूमिका*: लिवर चीनी को वसा में बदलता है, जो ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ाता है।
6. *हृदय रोग*: उच्च ट्राइग्लिसराइड का स्तर हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है।
7. *पैंक्रियाटाइटिस*: उच्च ट्राइग्लिसराइड का स्तर पैंक्रियाटाइटिस के जोखिम को बढ़ा सकता है।



